जैन,सिन्धी,सिक्खों के त्यौहार( Jain, Sindhi, Sikh Festivals )

जैन धर्म के त्यौंहार

1. ऋषभ जयन्ती चैत्र कृष्ण नवमी 

2. महावीर जयन्ती चैत्र शुक्ल त्रयोदशी 

3. सुगन्ध दशमी

भाद्रपद शुक्ल दशमी __ सुगन्ध दशमी को धूप दशमी कहा जाता हैं। 

4. रोट तीज भाद्रपद शुक्ल तीज 

5. पर्युषण ये जैनों का महापर्व हैं। . 

दिगम्बर

भाद्रपद शुक्ल पंचमी से चतुर्दशी तक व्रत रखते हैं।

आश्विन कृष्ण एकम् को पड़वा ढोक मनाते हैं। . 

श्वेताम्बर

भाद्रपद कृष्ण द्वादशी से भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तक व्रत रखते हैं।

भाद्रपद शुक्ल पंचमी को संवत्सरी पर्व मनाते हैं। (क्षमा याचना पर्व) 

6. दसलक्षण पर्व:- चैत्र, भाद्रपद, माघ- शुक्ल पंचमी से चतुर्दशी।

सिन्धी समाज के त्यौहार

चेटीचण्ड- चैत्र शुक्ल एकम् (विक्रम संवत प्रारम्भ) 

– झूलेलाल जयन्ती। – झूलेलाल जी को वरूण का अवतार मानते हैं। 

– झूलेलाल जी ने सिंध के राजा मृगशाह के अत्याचारों से मुक्ति दिलायी।

 – झूलेलाल जी का जन्म- थट्टा (सिंध)

2. थदड़ी सातम / बड़ी सातमः- भाद्रपद कृष्ण सप्तमी (कृष्ण जन्माष्टमी से ठीक एक दिन पहले सिन्धियों का बास्योड़ा)

सिक्खों के त्यौहार 

1. गुरू नानक जयन्ती – कार्तिक पूर्णिमा (शुक्ल) 

2. गुरू गोविन्दसिंह जयन्ती – पौष शुक्ल सप्तमी 

3. लोहड़ी- 13 जनवरी 

4. वैशाखी- 18 अप्रैल .

 13 अप्रैल 1699 को आनंदपुर साहिब में गुरू गोविन्द साहिब ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। 

. 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड

ईसाई समाज के त्यौहार 

1. 1 जनवरी – ईसाईयों का नववर्ष 

2. 25 दिसम्बर – ईसा मसीह का जन्मदिन (2014 से सुशासन दिवस मनाया जाता हैं।) 

3. ईस्टर- 2 मार्च से 22 अप्रैल के बीच जो पूर्णिमा आती हैं, उसके ठीक बाद वाले रविवार को ईस्टर बनाया जाता हैं। 

. इस दिन ईसा मसीह पुनर्जीवित होकर लौट आए थे। 

4. गुड़ फ्राइड़े – ईस्टर से ठीक पहले वाला शुक्रवार। . इस दिन ईसा मसीह को सूली पर लटकाया गया। 

5. असेन्शन ड़े- ईस्टर से ठीक 40 चालीस दिन बाद, ईसा मसीह वापस स्वर्ग चले गये थे।

Share this page

Leave a Comment