चट्टान एवं खनिज ( Rocks and minerals )

चट्टान की रचना खनिज पदार्थों से मिलकर होती है। पृथ्वी की बाहरी ठोस परत लिथोस्फीयर, चट्टान से निर्मित है। चट्टान कठोर तथा मुलायम एवं विभिन्न रंगों की हो सकती है। उदाहरणार्थ-ग्रेनाइट कठोर चट्टान है जबकि चीका और रेत मुलायम चट्टान । गैब्रो काला होता है जबकि क्वार्टजाइट दूधिया सफेद भी हो सकता है। सामान्यतः चट्टानें तीन प्रकार की होती हैं: आग्नेय, अवसादी एवं कायान्तरित । 

चट्टानों का वैज्ञानिक अध्ययन पेट्रोलॉजी (Petrology) कहलाता है जो भूगर्भशास्त्र की एक शाखा है। 

चट्टानों का निर्माण जिन पदार्थों से होता है वे खनिज कहलाते हैं। चट्टानों में पाए जाने वाले सर्वाधिक सामान्य खनिज क्वार्ट्ज और फेल्ड्स्पार हैं।

विभिन्न खनिजों की कठोरता अलग-अलग होती है। कठोरता के अंश (degree) 1 से 10 के आधार पर दस खनिजों का चयन किया गया है

खनिजकठोरता
टाल्क 1
कैल्साइट3
एपेटाइट5
क्वार्ट्स7
कोरन्डम9
जिप्सम2
फ्लुओराइट4
फेल्ड्स्पार6
पुखराज8
हीरा10

निर्माण की प्रक्रिया के आधार पर चट्टानों को तीन वर्गों में विभक्त किया जा सकता है :

(i) आग्नेय चट्टान (Igneous Rocks) 

(ii) अवसादी चट्टान (Sedimentary Rocks) 

(iii) रूपांतरित चट्टान (Metamorphic Rocks)

आग्नेय चट्टान

  • आग्नेय चट्टान का निर्माण मैग्मा के ठंडा होकर जमने से होता है। 
  • सर्वप्रथम इसी चट्टान का निर्माण हुआ था, अतः इसे प्राथमिक शैल भी कहते हैं। 
  • आग्नेय चट्टान में जीवाश्म व परतें नहीं पायी जाती हैं और ये सामान्यतः रवेदार होती हैं। 
  • आग्नेय चट्टानें सभी चट्टानों की पूर्वज हैं और 85% क्रस्ट इन्हीं का बना है। बेसाल्ट, डोलेराइट, ग्रेनाइट और फेल्ड्स पार इसके उदाहरण हैं। 
  • ये चट्टानें अपेक्षाकृत कठोर होती हैं और इनमें पानी नहीं रिसता । इनमें महत्त्वपूर्ण खनिज पाए जाते हैं जैसे-निकेल, तांबा, शीशा, जस्ता, क्रोमाइट, मैगनीज, सोना, हीरा और प्लेटिनम।। 
  • आग्नेय चट्टानों के गुम्बदाकार जमाव को बैथोलिथ कहते हैं जो पृथ्वी की सतह के नीचे जमा होती है। ये मुख्यतः ग्रेनाइट से बनी होती है। उदाहरण : अमेरिका का इडाहो बैथोलिथ

अवसादी चट्टानें

  • इन चट्टानों का निर्माण पृथ्वी की सतह पर आग्नेय और रूपांतरित चट्टानों के अपरदन और जमाव से होता है। इन्हें परतदार चट्टान भी कहते हैं। 
  • सिलिका, कैल्साइट तथा लौह यौगिक आदि इसके संयोजक तत्व हैं।
  • भूपृष्ठ का लगभग 75% भाग अवसादी चट्टानों से आवृत है। 
  • लेकिन क्रस्ट के निर्माण में इसका योगदान केवल 5% है। 
  • अवसादी चट्टानें क्लास्टिक और नॉन-क्लास्टिक होती हैं । 
  • क्लास्टिक अवसाद मूल चट्टान से टूटे हुए अवसाद हैं जबकि नॉन-क्लास्टिक अवसाद नए जमा हुए खनिज पदार्थ हैं। 

अवसादी चट्टानों को मुख्यतः तीन मुख्य वर्गों में बांटा जा सकता हैं : 

  • (a) यांत्रिक क्रियाओं द्वारा निर्मित बलुआ पत्थर, कांग्लोमरेट, चीका मिट्टी, लोयस, ग्रेवेल, अलुवियम आदि ।
  • (b) जैविक तत्वों द्वारा निर्मित चूना पत्थर, कोयला, प्रवालभिति, पेट्रोलियम आदि। 
  • (c) रासायनिक तत्वों से निर्मित शैलखड़ी, नमक की चट्टान, बोरेक्स, चूनापत्थर, हैलाइट, पोटाश, जिप्सम और नाइट्रेट आदि। 

नोट : संसार का अधिकांश पेट्रोलियम अवसादी चट्टानों में पाया जाता है।

रूपान्तरित चट्टानें

  • आग्नेय एवं परतदार चट्टानों के रूपांतरण से इसका निर्माण होता है। 
  • यह रूपान्तरण उच्च ताप, दाब, तनाव आदि क्रियाओं के द्वारा होता है। 
  • अधिक ताप के कारण इनमें जीवाश्म नष्ट हो जाते हैं, अतः रूपान्तरित चट्टानों में प्रायः जीवाश्मों का अभाव रहता है। ये सबसे कठोर चट्टाने हैं।

प्रमुख रूपान्तरित चट्टानें तथा उनका मौलिक रूप

मौलिक चट्टानरूपान्तरित चट्टान
चूना पत्थरसंगमरमर
बलुआ पत्थरक्वार्जाइट
शेल/चीकास्लेट
ग्रेनाइटशैल
गैब्रोसर्पेनटाइन
एम्फीबोलाइट्सग्रेन्युलाइट्स
बेसाल्टिकसिस्ट
कोयलाग्रेफाइट

Share this page

Leave a Comment